देश के 194 नेताओं ने चुनाव आयोग को दी गलत जानकारी

देश के 194 नेताओं ने चुनाव आयोग को दी गलत जानकारी
Spread the love
  • फर्जी पैन कार्ड देने वालों में छह मुख्यमंत्री भी

  • जन प्रतिनिधित्व कानून में है प्रतिबंध

  • आयकर कानून में ऐसा करना अपराध

  • दस वर्तमान मंत्री भी गड़बड़ी में शामिल

प्रतिनिधि



नईदिल्लीः देश के 194 प्रमुख नेताओं द्वारा अपने पैन कार्ड के बारे में चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी गयी है।

एक चर्चित पत्रिका कोबरा पोस्ट ने अपने अनुसंधान में इस बात का खुलासा किया है।

रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि गलत जानकारी देने वालों में देश के छह पूर्व मुख्यमंत्री, 8 पूर्व केंद्रीय मंत्री भी हैं।

चुनाव आयोग में दाखिल किये गये दो हजार शपथपत्रों की बारिकी से की गयी जांच से इन तथ्यों का खुलासा हुआ है।

23 राज्यों में वर्ष 2006 से लेकर 2016 तक के शपथपत्रों की जांच में 194 ऐसे नेता पाये गये हैं,

जिन्होंने अपने पैन कार्ड के बारे में गलत जानकारी दी है।

वर्तमान चुनाव कानून के तहत अब सभी प्रत्याशियों को अपने ऊपर दर्ज मामले

और वित्तीय स्थिति की जानकारी नामांकन भरते वक्त देनी पड़ती है।

यह जानकारी सभी प्रत्याशी शपथपत्र के माध्यम से देते हैं।

कानून यह कहता है कि किसी भी पैन कार्ड धारी को नये सिरे से आवेदन करने की भी जरूरत नहीं है।

यानी एक व्यक्ति का दो पैन कार्ड नहीं हो सकता है।

इस कानून का उल्लेख जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 125(ए,3) में किया गया है।

इसी तरह आयकर कानून 1961 की धारा 139(ए) कहता है कि जिसे एक बार पैन कार्ड मिल चुका है,

वह दूसरा पैन कार्ड नहीं ले सकता है।

देश के वर्तमान कानूनों के तहत इसमें दंड का प्रावधान

हाल के दिनों में पैन कार्ड के मामलों में जालसाजी और गलत सूचना देने पर

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का ध्यान भी आकृष्ट हुआ है।

वहां भी देश के एक सौ से अधिक लोगों द्वारा दी गयी सूचना की जांच अलग से चल रही है।

यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी भी पैन कार्ड में जालसाजी में बड़े लोगों के शामिल होने पर चिंता जतायी है।

इस स्थिति के बाद भी 194 ऐसे शपथपत्र पाये गये हैं, जिनमें इन आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ की गयी है।

रिपोर्ट में यह कहा गया है कि जिनलोगों ने यह गड़बड़ी की है, उनमें दस वर्तमान मंत्री और 54 वर्तमान विधायक भी हैं।

इन सभी लोगों ने पैन कार्ड का अपना विवरण गलत दर्ज कराया है।

गड़बड़ी करने वालों में लगभग सभी प्रमुख दलों के लोग शामिल हैं।

गड़बड़ी करने वालों में उत्तर प्रदेश के लोगों की संख्या सबसे अधिक है।

Please follow and like us:


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.