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झारखंड राज्य की 12 हजार महिलाओं को मिलेगा रोजगार

  • झारखंड सरकार का केपीआर मिल्स के साथ करार

  • देश की शीर्ष कंपनियों में शामिल है केपीआर

  • वेतन के अलावा रहना और खाना फ्री

  • निबंधित आवेदकों को प्राथमिकता

राष्ट्रीय खबर

रांची : झारखंड राज्य की 12 हजार महिलाओं को इस वर्ष रोजगार मिल सकेगा। देश-

विदेश में यार्न (धागा), फैब्रिक्स (कपड़ा) व गारमेंट्स (परिधान) बनानेवाली कंपनियों में

प्रमुख कोयंबटूर स्थित केपीआर मिल्स ने झारखंड सरकार से राज्य की 12 हजार

महिलाओं को रोजगार देने की बात कही है। प्रथम चरण में राज्य सरकार ने झारखंड की

छह हजार युवतियों/महिलाओं को कोयंबटूर भेजने का निर्णय लिया है। इस बाबत राज्य

सरकार शीघ्र ही केपीआर मिल्स के साथ एमओयू करेगी। इसे सरकारी स्तर पर अभी

अंतिम रुप प्रदान किया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक इस संबंध में राज्य

सरकार व कंपनी के बीच बातचीत हो चुकी है। एमओयू की जिम्मेवारी श्रम, रोजगार

प्रशिक्षण व कौशल विकास विभाग को दी गयी है। एमओयू के तहत नियम व शर्तों से

संबंधित प्रस्ताव पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रस्ताव को

फिलहाल विधि विभाग के पास भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इस माह

एमओयू की तारीख तय कर ली जायेगी।

झारखंड राज्य की महिलाओं को प्रारंभ में ट्रेनिंग भी मिलेगी

केपीआर कंपनी ने झारखंड की युवतियों/ महिलाओं को ट्रेनिंग के साथ शुरू में 12 हजार

रुपये प्रतिमाह देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही संबंधित युवतियों/महिलाओं के

रहने, खाने-पीने की व्यवस्था कंपनी ही करेगी। कंपनी द्वारा संबंधित युवतियों/महिलाओं

को मेडिकल सहित अन्य सुविधाएं भी दी जायेंगी। जिन युवतियों/महिलाओं का नाम

राज्य के नियोजनालय में निबंधित है या जिन्होंने राज्य कौशल विकास मिशन द्वारा

विभिन्न केंद्रों से गारमेंट्स से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उन्हें रोजगार दिलाने में

प्राथमिकता दी जायेगी। चयन होने के बाद संबंधित कंपनी द्वारा भी प्रशिक्षण दिलाया

जायेगा। बताते चलें कि अपने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मोरहाबादी

मैदान में आयोजित समारोह में भी अपनी बात रखते हुए श्री सोरेन ने रोजगार का उल्लेख

किया था। उन्होंने कोरोना काल में भी कई अवसरों पर यह कहा है कि लोगों को दूसरे

राज्यों से सकुशल वापस लाने के बाद उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना भी सरकार की

जिम्मेदारी है। इस वजह से केपीआर मिल्स के साथ होने वाले इस करार को महत्वपूर्ण

समझा जा रहा है। यह भी समझा जा रहा है कि एक कंपनी के साथ सरकार का समझौता

होने के बाद अभी कुशल कारीगरों की तलाश में भटक रही दूसरी कंपनियां भी झारखंड

सरकार के साथ संपर्क साध सकती हैं। इसके अलावा भी राज्य के युवाओ को रोजगार देने

की कई अन्य योजनाओं पर अभी काम चल रहा है।

देश की शीर्ष 500 कंपनियों में शामिल है

केपीआर कंपनी भारतीय बाजार के ब्रांड नेम एफएएसओ के तहत 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक

आंतरिक वस्त्र, बाह्य परिधान, धागों से बुने हुए परिधान का व्यापार करती है। देश की

शीर्ष 500 कंपनियों मंट केपीआर मिल्स लिमिटेड शामिल है। सिंगापुर में इसका

अंतरराष्ट्रीय बाजार कार्यालय है। केपीआर मिल्स कपड़ा के साथ-साथ चीनी का भी उत्पाद

करती है। कई क्षेत्रों में पवन चक्की भी चलती है।

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