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प्रवासी श्रमिकों के लिये सड़कों पर हैं 12 हजार बसें : योगी

लखनऊः प्रवासी श्रमिकों से पैदल और अवैध वाहनो से यात्रा नहीं करने की अपील करते

हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सड़क परिवहन निगम

की 12 हजार बसें प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जिले पहुंचा रही हैं। श्री योगी ने लाकडाउन

व्यवस्था की समीक्षा बैठक में बुधवार को कहा कि प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के

लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ने नि:शुल्क ट्रेन तथा बस की व्यवस्था की है। श्रमिक स्वयं व

परिवार के हितों को ध्यान में रखते हुए पैदल अथवा अवैध एवं असुरक्षित वाहनों से यात्रा

न करें। उन्होने कहा कि अब तक प्रदेश में 838 श्रमिक एक्सप्रेस से 14 लाख से अधिक

प्रवासी श्रमिक पहुंचे हैं। अगले दो दिन में 206 ट्रेने और आएंगी। इस प्रकार 1,044 ट्रेनों की

व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यूपी रोडवेज की 12 हजार बसें प्रवासी श्रमिकों को

उनके गृह जिले पहुंचा रही है। इसके अलावा सरकार ने प्रत्येक जिलाधिकारी के निवर्तन

पर 200 बस की व्यवस्था की है। इस प्रकार सभी 75 जिलों को कुल 15 हजार बसें

अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश

करते ही प्रवासी कामगारों को भोजन तथा पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है जिसके बाद

इनकी स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें सुरक्षित व सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाने की

व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बॉर्डर क्षेत्र के साथ-साथ टोल प्लाजा एक्सप्रेस-वे तथा

प्रमुख चौराहों पर भी प्रवासियों के लिए भोजन पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश

दिए।

प्रवासी श्रमिकों के अलावा कार्ययोजना भी तैयार हो रहे हैं

श्री योगी ने प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अवस्थापना एवं

औद्योगिक विकास आयुक्त तथा कृषि उत्पादन आयुक्त को वृहद कार्ययोजना तैयार

करने के निर्देश दिए। उन्होंने औद्योगिक विकास विभाग तथा एमएसएमई विभाग को

ऐसी कार्यक्रम तैयार करने को कहा जिनके माध्यम से प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार का

प्रबन्ध किया जा सके। उन्होने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के लिए मनरेगा,ओडीओपी,

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, महिला स्वयं सहायता समूह, डेयरी, दुग्ध समितियों,

खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, गौ-आश्रय स्थल, पौध नर्सरी, कॉमन सर्विस सेन्टर तथा

स्कूल-कॉलेजों में रोजगार सृजन की सम्भावनाओं को चिन्हित किया जाये। प्रवासी

श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए इनकी दक्षता की जानकारी आवश्यक है।

इसलिए इनकी स्किल मैपिंग का कार्य निरन्तर जारी रखा जाए। इस सम्बन्ध में एक

पोर्टल विकसित करने पर भी विचार किया जाए।


 

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