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15 फीट की ऊंचाई से गिरकर 10 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से घायल, एंबुलेंस चालक ने किया बच्चे का इलाज

  • हॉस्पिटल से चिकित्सक और नर्स नदारद
  • एंबुलेंस के चालक और सुरक्षा गार्ड के भरोसे हॉस्पिटल
  • विधायक के प्रतिनिधि और मुखिया ने चेतावनी दी

लापुंग : 15 फीट की ऊंचाई के एक पेड़ से गिरकर लापुंग थाना क्षेत्र के गटेया टोली में 10

वर्षीय छात्र विश्वकर्मा मुंडा, पिता चमरा मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गया। वह अपने गांव

के बगीचा में कुसुम खाने के लिए पेड़ में चढ़कर कुसुम तोड़ रहा था तभी अचानक उसकी

पैर फिसल गई और 15 फीट की ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। गिरने के

साथ ही विश्वकर्मा मुंडा बेहोश हो गया। खेत में धान की रोपनी कर रहे उसके पिता और

घर वालों को जब घटना की सूचना मिली तो वे घबरा उठे। उसके परिजनों ने उसे वाहन की

व्यवस्था कर लापुंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया लेकिन लापुंग सीएचसी में डॉक्टर

और नर्स दोनों गायब थे। बाद में परिजनों ने उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए जहां उसे

सिर्फ कुछ दवाइयां दी गई। घटना की सूचना मिलने के बाद सापुकेरा पंचायत के मुखिया

और विधायक प्रतिनिधि जयंत बरला, सुदामा महली, महावीर साहु, समाजसेवी लाल

दिलीप कुमार सिंह, भुवंजय साहू हॉस्पिटल पहुंचे। उनके प्रयासों से उस बच्चे को पुन:

हॉस्पिटल लाया गया लेकिन एक घंटा गुजर जाने के बाद भी चिकित्सक और नर्स के नहीं

आने के बाद 108 एंबुलेंस के चालक धीरेंद्र कुमार ने दर्द से तड़प रहे बच्चे को दवाइयां दी

और स्लाइन चढ़ाया। बच्चे के पीठ और दाहिने कंधे में चोटे आई हैं। देर शाम को एंबुलेंस

के चालक धीरेंद्र कुमार के लगातार जारी प्रयासों से घायल बच्चे को होश आया।

15 फिट से गिरकर बच्चे ने चिकित्सा व्यवस्था पर उठाया सवाल

लापुंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत महिला चिकित्सक रीता परिणिति बाखला

और नर्स नदारद रहे । लापुंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को एंबुलेंस के चालक

धीरेंद्र कुमार और गार्ड अमित उरांव के भरोसे इलाज चल रहा था। हॉस्पिटल में एक भी

स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं थे जिसके कारण रविवार को मरीजों को भारी दिक्कतों का

सामना करना पड़ा। मजबूरी में घायलों का इलाज एंबुलेंस के चालक कर रहे थे। अस्पताल

सूत्रों के अनुसार हॉस्पिटल के प्रभारी चिकित्सक डॉ दिलीप कुमार उरांव पीलिया से पीड़ित

होने के बाद छुट्टी पर हैं। दूसरे दो चिकित्सकों डॉ निरुपमा नीलम लकड़ा और डॉक्टर प्रमोद

राज समेत 8 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को पारस हॉस्पिटल रांची में प्रतिनियोजित कर

दिया गया है। हॉस्पिटल की स्थिति देखकर विधायक प्रतिनिधि और मुखिया जयंत

बारला और सुदामा महली भारी आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा कि जिनका भी ड्यूटी है

अगर उन्हें काम नहीं करना है तो वे दूसरे जगह स्थानांतरण करा लें। लापुंग जैसे

संवेदनशील जगहों में हॉस्पिटल में चिकित्सकों का 24 घंटा रहना जरूरी है। राजधानी से

70 किलोमीटर दूर होने के कारण यहां के लोग रांची ले जाकर मरीजों का इलाज नहीं करा

सकते। विधायक के प्रतिनिधियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन को

चेतावनी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर दी जाएगी ।

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