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गरीब सवर्णों को शैक्षणिक संस्थानों में 10% आरक्षण




  • अंचलाधिकारी भी जारी कर सकेंगे स्थानीयता प्रमाणपत्र
  • हर जिल में 250 अंबेडकर आवास बनाये जायेंगे
  • ग्राम सभा के अनुमोदन से गरीबों को आवास मिलेगा

रांची : गरीब सवर्णों को राज्य में आर्थिक रूप से शैक्षणिक संस्थानों में 10 फीसद आरक्षण मिलेगा।

साथ ही इतनी ही सीटें शैक्षिक संस्थानों में बढ़ेंगी।

मंगलवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई।

शाम चार बजे मंत्रालय भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

अब स्थानीय प्रमाण पत्र अंचलाधिकारी भी जारी कर सकेंगे। कैबिनेट ने इसकी स्वीकृति दे दी है।

इसके अलावा अंबेडकर आवास योजना के तहत हर जिले को

250-250 अतिरिक्त आवास आवंटन का लक्ष्य रखा गया है।

रांची और जमशेदपुर एरिया बोर्ड में विद्युत वितरण लाइसेंसी मॉडल के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के

लाभुकों के चयन में संशोधन की स्वीकृति दी गई। 14 अप्रैल 2016 को यह योजना शुरू हुई।

31 मई 2018 के संकल्प 2188 के द्वारा इसे और व्यापक बनाया गया।

गरीब सवर्णों कोइस संशोधन के उपरांत यह योजना सबसे संवेदनशील आवास योजना बन जाएगी।

आवासविहीन अथवा एक कच्चे कमरे के मकान में रहने वाले परिवार जिनका नाम

(सामाजिक आर्थिक एवं जातीय जनगणना–2011) के आंकड़ों के बाहर है तो

ऐसे परिवारों को भी अब ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद उपायुक्त के द्वारा जांच पूरी कर

आवास की स्वीकृति दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

प्रत्येक जिला को इस वर्ष 250 इकाई आवास स्वीकृत करने की अनुमति भी दी गई है।

यह भी तय किया गया है कि आवास यथासंभव महिलाओं के नाम पर ही स्वीकृत किया जाएगा

यदि परिवार में कोई महिला ना हो तो उस घर की बेटी अथवा परिवार के मुखिया की

सहमति से परिवार के किसी अन्य सदस्य का नाम से आवास आवंटित किया जाएगा।

इसके अलावा आज के कैबिनेट की बैठक में बाबा बैद्यनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय देवघर की स्वीकृति,

झारखंड राज्य खाद्य आयोग के अधीन 6 अतिरिक्त अन्य पदों के सृजन की

स्वीकृति, 23 लिपिकीय कर्मियों को ए.सी.पी./एम.ए.सी.पी का लाभ स्वीकृति के

फलस्वरूप बकाया वेतनादि का भुगतान के लिए झारखंड आकस्मिकता निधि से

कुल 2 करोड़ रुपए मात्र की अग्रिम निकासी की घटनोत्तर स्वीकृति,

अंब्रेला समेकित बाल विकास सेवाएं” योजना अंतर्गत 31 मार्च 2020 तक अवधि विस्तार,

दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं विशेष शिक्षण के लिए कम्पोजित रीजनल सेंटर (सीआरसी)

स्थापना के लिए आवश्यक अनुमति,

शिक्षकों नियुक्ति की तिथि के आधार पर ग्रेड-1 में उनकी वरीयता का निर्धारण की स्वीकृति,

गिरिडीह जिला अंतर्गत हेसला- बेको पथ के लिए 69 करोड़ 24 लाख 93 हजार रुपए की स्वीकृति,

देवघर जिला अंतर्गत लालगढ़- लखा-नावाडीह कसियाबा-चोबाना-जिलुवा-बसकोपी पथ

कुल लंबाई 9.728 किलोमीटर के लिए 28 करोड़ 2 लाख 31 हजार 8 सौ रुपए की स्वीकृति,

आदिवासियों के लिए मांझी थान शेड निर्माण योजना के लिए विभागीय संकल्प में संशोधन की स्वीकृति दी गई.

यह संशोधन संथाल परगना के बाहर किन्हीं अन्य जिलों में भी संथाल जनजाति की

बहुलता पाई जाती है तो उन गांव में भी यह योजना क्रियान्वित की जाएगी।

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