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डेढ़ वर्ग किलोमीटर इलाका राख हुआ ज्वालामुखी के लावा से




कैनारी द्वीप के इलाकों से लोगों को सुरक्षित हटाया गया
समुद्री तट के करीब पहुंच रहा है खौलता हुआ लावा
पानी में मिलकर जहरीला गैस पैदा करता है यह

रोमः डेढ़ वर्ग किलोमीटर का इलाका अब तक ज्वालामुखी की लावा से जलकर पूरी तरह राख हो गया है। कैनारी द्वीप के ज्वालामुखी विस्फोट से निकला लावा करीब 750 मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इस वजह से उसके रास्ते में आने वाले इलाकों से लोगों को पहले ही हटाया जा रहा है।




वीडियो में देखिये वहां के वर्तमान हालात

संभावित खतरे का दायरा अधिक होने की आशंका की वजह से अधिक दूरी तक की आबादी को खाली करा दिया है। अब तक कुल 57 सौ लोगों को उनके घरों से अलग ले जाया गया है।

इनमें से अनेकों का घर पूरी तरह राख में तब्दील हो चुकी है क्योंकि ज्वालामुखी के लावा के संपर्क में आने की वजह से वहां का सब कुछ जल गया है।

दूर से लोग अब भी ज्वालामुखी के विस्फोट को देख रहे हैं, जिसमें पहाड़ की चोटी के फट जाने के बाद वहां से उबलता हुआ मैग्मा बाहर निकल रहा है। यह विस्फोट इतना प्रवल है कि आसमान में काफी ऊंचाई तक उन्हें उठते हुए देखा जा रहा है।

दूसरी तरफ अलग अलग हिस्से में विस्फोट होने की वजह से पहाड़ के चार छोर से लावा का प्रवाह प्रारंभ हुआ है जो अलग अलग दिशाओं में ढलान की तरफ फैलता जा रहा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस लावा की चपेट में आने वाले डेढ़ वर्ग किलोमीटर के इलाके में अब तक 185 इमारतें पूरी तरह जल चुकी हैं। इनमें रहने वालों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।




बचाव दल के लोग आगे बढ़ते लावा पर लगातार करीब से नजर बनाये हुए हैं और लावा पहुंचने के काफी पहले से ही इलाकों को खाली कराया जा रहा है।

डेढ़ किलोमीटर से आगे का दायरा भी आ सकता है चपेट में

कैनारी द्वीप का ज्वालामुखी विस्फोट पचास वर्षों के बाद फिर से प्रारंभआशंका है कि डेढ़ वर्ग किलोमीटर का यह इलाका और भी बड़ा होता चला जाएगा। इसके दायरे में पड़ने वाले तमाम गांव से लोगों को इसी वजह से अन्यत्र सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

करीब डेढ़ वर्ग किलोमीटर के इलाके में तबाही के बाद अब जमीन के नीचे से भूकंप के संकेत भी तेज हो रहे हैं इस वजह से वैज्ञानिक यह मान रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी क्योंकि इन झटकों की वजह से बड़ा भूकंप भी आ सकता है।

दूसरी तरफ लावा का प्रवाह पहले के मुकाबले थोड़ा धीमा भी हुआ है। समुद्री तट से यह लावा अब करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है और अगर यह लगातार आगे बढ़ता गया तो उसका अंततः समुद्र में गिरना भी तय है।

दूसरी तरफ लावा का एक प्रवाह धीरे धीरे टोडोक्यू शहर की तरफ भी बढ़ रहा है। इस शहर के भी बारह सौ नागरिकों को हटाया गया है। शहर के चारों तरफ राख और आसमान से गिरे लावा की वजह से भी तबाही आ चुकी है।

कुछेक इलाकों में लावा के करीब आने की वजह से इलाकों में बने जलागारों और स्वीमिंग पुलों के पानी को खौलते देखने का दृश्य भी ड्रोन कैमरे में कैद हुआ है।

वैसे इस लावा के समुद्र में पहुंचने को लेकर भी वैज्ञानिक चिंतित हैं क्योंकि वैसी स्थिति में तेज भाप आसमान में छा जाएगा और वहां हाईड्रोक्लोरिक एसिड के अलावा अन्य खतरनाक गैसों भी तैयार होंगी, जो किसी भी जीवन के लिए खतरनाक है।



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