सीरिया पर हमले की चौतरफा आलोचना, फ्रांस ने ट्रंप को मनाया

पेरिस : सीरिया पर मिसाइल हमले के परिणामों की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद तीन देशों की आलोचना हो रही है।

इसी आलोचना के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने सैनिकों को जल्द वापसी चाहते थे।

समझा जाता है कि दुनिया भर की आलोचना से ट्रंप परेशान हो गये हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युल मैक्रों ने कहा है कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीरिया में सेनाएं बनाए रखने के लिए मना लिया है।

श्री मैक्रों ने कहा कि सीरिया पर संयुक्त हवाई हमलों से पहले श्री ट्रंप से फोन पर बातचीत में उन्होंने उनको सीरिया में बने रहने के लिए मना लिया।

उन्होंने कहा, “हमने उन्हें वहां बने रहने के लिए मना लिया।”

बीडब्ल्यूएम टीवी, आरएमसी रेडियो और मीडियापार्ट आॅनलाइन न्यूज पर प्रसारित और

प्रकाशित श्री मैक्रों के साक्षात्कार में सीरिया पर संयुक्त हवाई हमलों में फ्रांस के शामिल

होने पर अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा, “हम इस रूपरेखा में कार्रवाई करने के लिए

पूर्ण अंतरराष्ट्रीय वैधता रखते हैं।”

श्री मैक्रों ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीन सदस्य देशों ने सीरिया हस्तक्षेप किया है।”

सीरिया पर अपने स्टैंड पर कायम है अमेरिका

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि सीरिया से अमेरिका की सेनाएं जल्द से

जल्द वापस लौट आएं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युल मैक्रों ने कहा था कि उन्होंने श्री ट्रंप को सीरिया में लंबे समय

तक सेनाएं बनाए रखने के लिए मना लिया है

इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने यह बयान जारी किया है।

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सराह सैंडर्स ने कल बयान जारी कर कहा, “अमेरिका के मिशन

में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

श्री ट्रंप इस बारे में पूरी तरह से साफ रुख रखते हैै कि अमेरिका की सेनाएं जल्द से जल्द वापस लौटें।”

उन्होंने कहा, “हम आईएसआईएस के पूरी तरह खत्मे और उसकी वापसी को रोकने

वाले परिस्थिति के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प है।

इसके अलावा हम चाहते है कि हमारे क्षेत्रीय सहयोगी और साझेदार क्षेत्र की सुरक्षा की

वित्तीय और सैन्य जिम्मेदारी लें।”

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