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समूचे उत्तर पूर्व में बाढ़ की विनाशलीला विकराल

  • केंद्र सरकार की ओर से हाई एलर्ट जारी

  • असम में 200 से ज्यादा जानवरों की मौत

  • असम में 135 तो मेघालय में 9 लोग मारे गये

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: समूचे उत्तर पूर्व में अब बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है। भारी बारिश

की तबाही सबसे अधिक असम झेल रहा है। 1984 के बाद चीन में बारिश की विभीषिका

इतने बड़े पैमाने पर नहीं देखी गई है। समूचे उत्तर पूर्व में में करीब 28 हजार घर नष्ट हो

चुके हैं। 55 लाख लोग बेघर हुए हैं और 122 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इस प्राकृतिक कहर

से हजारों करोड़ का नुकसान हो चुका है। असम के 33 जिले भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें

122 लोगों की मौत हुई है और 55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। कोरोना वायरस से

पूरे उत्तर पूर्व नहीं उभर पाई थी, इस बीच देश और पूरे उत्तर पूर्व के कई हिस्सों में बाढ़ ने

स्थिति को जानलेवा बना दी है। यहां कोरोना वायरस की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

वहीं, मेघालय में भी नौ लोगों की जान बाढ़ के कारण जा चुकी है। मौसम विभाग ने आज

भी पश्चिम बंगाल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम,असम और मेघालय सहित पूरे उत्तर पूर्व

में राज्यों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से नदियों

उफान पर हैं। असम और मेघालय में बाढ़ से तबाही मची हुई है। एक तरफ कोरोना और

अब दूसरी तरफ बाढ़ ने भारत केपूरे उत्तर पूर्व कई हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

असम और मेघालय में गांव के गांव डूब गए हैं। असम में काजीरंगा नैशनल पार्क के कई

हिस्सों में बाढ़ का पानी भर गया है। इसकी वजह से अबतक 200 से ज्यादा जानवरों की

मौत हो चुकी है। इसमें 112 बारहसिंगा और 16 गेंडे शामिल हैं। वहीं, 143 जानवरों को

सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।

समूचे उत्तर पूर्व में 1984 के बाद ऐसी तबाही

असम में बुधवार को नये इलाकों में पानी घुसने से बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई। बाढ़

के कारण राज्य में दो और लोगों की मौत हो गई ,असम में अबतक 122 मौतें मौत हो गई

है। और 56 लाख से अधिक व्यक्ति इससे प्रभावित हुए हैं। असम में इसके साथ ही इस वर्ष

बाढ़ और भूस्खलन में राज्य भर में मरने वालों की संख्या 135 हो गई है जिनमें 106 की

मौत बाढ़ से और 29 की मौत भूस्खलन से हुई है। ग्वालपाड़ा बाढ़ से सबसे बुरी तरह

प्रभावित जिला है जहां 4.68 लाख लोग पीड़ित हैं जबकि बारपेटा में 3.82 लाख लोग और

मोरीगांव में 3.08 लाख लोग प्रभावित हैं। मेघालय स्थित पश्चिम गारो हिल्स में कई गांवों

में बाढ़ का पानी भर गया है। इसकी वजह से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा से बात की

और उन्होंने राज्य में बाढ़ की स्थिति से निपटने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

शाह ने राज्य के पश्चिमी गारो पर्वतीय क्षेत्र में बाढ़ के कारण लोगों की मौत पर शोक भी

जताया है।


 

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