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विपक्षी दलों का संसद भवन से विजय चौक तक मार्च




नयी दिल्ली: विपक्षी दलों के सदस्यों ने राज्यसभा के सभी 12 सदस्यों का निलंबन वापस लेने की मांग करते हुए संसद भवन परिसर में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति से विजय चौक तक मंगलवार को मार्च किया।




प्रदर्शन के दौरान सदस्य एक बड़ा बैनर लेकर चल रहे थे जिसमें 12 सदस्यों का निलम्बन वापस करने की मांग की गई। कुछ सदस्य हाथों में तख्तियां भी लिए थे जिनमें ‘लोकतंत्र बचाओ और संविधान बचाओ तथा तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लिखे थे।

मार्च के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विजय चौक में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है और सदन में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है तथा विपक्ष को संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं करने दी जा रही है।

विपक्षी दलों के प्रदर्शन तथा विपक्ष के सदस्यों के निलम्बन पर उन्होंने कहा ‘‘विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन संसद में उनकी आवाज दबाने के खिलाफ है। सदन की कार्यवाही से जिन सदस्यों को सत्र के लिए निलम्बित किया गया है उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया जिसके कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई।

विपक्षी दलों के विरोध में राहुल गांधी ने आरोप लगाये

श्री गांधी ने कहा कि इन सदस्यों को राज्यसभा के सभापति या सरकार ने नहीं बल्कि उन दो-चार पूंजीपतियों ने निलम्बित किया है जो किसानों के हक को छीनना चाहते हैं। उनका कहना था कि यह वह शक्ति है जो सरकार को पीछे से चला रहे हैं और किसानों की कमाई पर नजर गाढ़े हुए हैं।




शिव सेना के संजय राउत ने कहा कि सभापति से बार-बार कहा जा रहा है लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं है। विपक्ष के सदस्य 12 दिनों से गांधीजी के चरणों में बैठे हैं और दूसरे गांधी (राहुल गांधी) के साथ आज चलकर आये हैं। सरकार समझ लेना चाहिए कि विपक्ष अब रुकने वाला नहीं है और जब तक सरकार बात नहीं मानती विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा।

द्रमुक के तिरुचि शिवा ने कहा कि राज्य सभा के जिन 12 सदस्यों को निलम्बित किया गया है, उन पर पहले सत्र में हुई घटना के आधार पर कार्रवाई की गई है। विपक्ष को बात नहीं करने दिया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस की डोला सिंह ने कहा कि सरकार विपक्ष की बात नहीं सुनती है और मनमाने तरीके से विधेयक पारित किये जा रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के विशम्भर निषाद ने कहा कि विपक्ष के सदस्य गांधी जी की मूर्ति के सामने बैठे हैं लेकिन सरकार अलोकतांत्रिक तरीके से काम कर रही है। राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने कहा कि आज सरकार बहुमत के घमंड में है और इसी के तहत काम किया जा रहा है।

अन्य सांसदों ने भी इस पर अपने विचार व्यक्त किये

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की वंदना चौहान ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है और यहां विपक्ष की बात सुनी जाती है लेकिन मोदी सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है और विपक्ष की बात नहीं सुनी जा रही है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के ऐलामारा करीम ने कहा कि वह भी निलम्बित सदस्यों में से एक है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के बीच जाएगा और अपनी बात रखेगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विश्वम ने कहा कि विपक्षी दल इस निलम्बन के खिलाफ एकजुट हैं और मिलकर सरकार से निलम्बित सदस्यों के निष्कासन को वापस लेने की लडाई लड़ते रहेंगे। आईयूएमएल के मोहम्मद बशीर ने कहा कि राज्यसभा के सदस्यों का निलम्बन अनुचित है, उनसे क्षमा मांगने की बात की जा रही है जो ठीक नहीं है।



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