वर्तमान युग के पहले कुत्ते साइबेरिया से आये थे

साइंस जर्नल पत्रिका में प्रकाशित शोध प्रबंध का निष्कर्ष

  • डीएनए की जांच को किया शोध में शामिल 

  • यूरोप के लोगों के आने से गायब हो गये कुत्ते 

  • बीमारी भी हो सकती है गायब होने की वजह

प्रतिनिधि
नईदिल्ली: वर्तमान युग के कुत्तों की पहली प्रजाति शायद रूस के बर्फीले इलाके साइबेरिया से आयी थी।

बाद में वे अपने घूमंतु स्वभाव की वजह से पूरी दुनिया में फैल गया।

इलाके की पारिस्थितिकी की वजह से इन कुत्तों ने खुद को ढाल लिया और उनके स्वरुप में बदलाव होता गया।

साइंस जर्नल में शोधकर्ताओं ने अपनी इस शोध प्रबंध की जानकारी दी है।

इस शोध प्रबंध की वजह से पूर्व की यह धारणा गलत साबित हुई है कि कुत्ते दरअसल उत्तरी अमेरिका के भेड़ियों के वंशज हैं।

अब पता चल रहा है कि वहां के भेड़िये भी दरअसल साइबेरिया के कुत्तों की डीएनए के करीब पाये जा रहे हैं।

यानी इन दोनों प्रजातियों का मूल शायद एक ही रहा होगा।

अब माना जा सकता है कि ये कुत्ते इंसानों के साथ रहने की वजह से उनके साथ ही अमेरिका की तरफ चले गये।

शोध प्रबंध के मुताबिक इन कुत्तों का मूल छह हजार वर्ष पुराना है।

वर्तमान में मानव जाति की गतिविधियों की जानकारी भी इसी काल तक सीमित है।

अमेरिका में 15वीं शताब्दी में कुत्तों की उपस्थिति की जानकारी उपलब्ध होने के आधार पर इस शोध को प्रारंभ किया गया था।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ग्रेगर लार्सन और उनके साथियों ने इस शोध को आगे बढ़ाया।

शोध के लिए जिनोम विश्लेषण की भी मदद ली गयी।

परीक्षण के लिए 71 मिटोचोंडिकल और सात न्यूक्लीयर जिनोम पर काम किया गया।

उत्तरी अमेरिका में पाये जाने वाले कुत्तों और साइबेरियाई कुत्तों में इसकी मिलान से उनके साइबेरिया से ही आने की पुष्टि हुई।

शोध कर्ता यह मान रहे हैं कि दरअसल कुत्तों की मूल प्रजाति का इतिहास नौ हजार वर्ष पुराना है, जो पूर्वी साइबेरिया में पाये जाते थे।

साइबेरिया के इलाके में यूरोप के लोगों के बसने के बाद कुत्तों की यह प्रजाति वहां से पूरी तरह गायब हो गयी।

उस दौर के मानव आचरण के लिहाज से यह एक गंभीर घटना थी।

वर्तमान में अमेरिका का मूल निवासियों के साथ भी ऐसा ही हुआ

वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरीके से अमेरिका में मूल निवासी

यूरोप के लोगों के आने के बाद गायब हो गये,

उसी तरीके से साइबेरियाई मूल के कुत्तों का गायब हो जाना भी बहुत कुछ बयां करता है।

शोध के क्रम में यह भी पाया गया कि वहां के कुत्तों में एक कैंसर जैसी बीमारी थी,

जो संपर्क की वजह से दूसरे इलाकों तक फैलते चले गये।

यह रोग अब भी कुत्तों में विद्यमान है।

इसलिए एक आशंका यह भी है कि साइबेरियाई कुत्ते

अपने क्षेत्र से इसी बीमारी की वजह से भी गायब हो सकते हैं।

वैसे इस बारे में यकीनी तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

आम तौर पर यह मानव स्वभाव है कि वह कुत्तों के साथ रहना पसंद करता है।

इस लिए जब भी इंसान किसी नये इलाके में बसा होगा तो उसके साथ कुत्ते भी रहे होंगे।

इसलिए यूरोप के लोगों का अमेरिका में बसना भी

शायद अमेरिकी मूल के कुत्तों के गायब होने की एक वजह हो सकती है।

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