राजधानी से चालीस किलोमीटर की दूरी पर बिना सड़क का गांव आज भी

राजधानी से चालीस किलोमीटर की दूरी पर बिना सड़क का गांव आज भी
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अनूप कुमार पांडेय
अनगड़ा : राजधानी रांची से 40 किलोमीटर व प्रखंड मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर एक गांव है राशाबेड यहां 32 घर है।

गांव की आबादी 150 के करीब है। आजादी के इतने वर्ष बाद भी आदिवासी बहुल इस गांव में बाहर आने जाने के लिए सड़क नही है।

लोग टूटी फूटी कच्ची सड़क से होते हुए 5 किलोमीटर चलने के बाद मुख्य मार्ग पहुंचते है। गांव की सड़क क्यों नही बनी यह पूछने कोई अधिकारी नेता या कार्यकर्ता यहां नही पहुचते है।

पांच वर्ष पूर्व जब लोकसभा का चुनाव हो रहा था। उन दिनों इस गांव की सड़क पानी स्वास्थ्य केंद्र की समस्या को ग्रामीणों ने हर राजनीतिक पार्टी के समक्ष रखा था।

चुनाव में ग्रामीणों को आश्वासन भी मिला था कि चुनाव के बाद गांव की सभी समस्याओं का निदान कर दिया जायेगा।

पांच साल बीत गये अब फिर लोकसभा का चुनाव होने वाला है। ऐसे में गांव के लोग आज भी अपने को ठगा महसूस कर रहे है।

क्या कहते है ग्रामीण : ग्रामीण नरेश बेदिया सावना बेदिया चैता बेदिया एतवा बेदिया बीरबल बेदिया ने बताया कि गांव में सड़क न होना सबसे बड़ी समस्या है।

आम दिनों में तो गांव के लोग किसी तरह मुख्य सड़क तक पैदल चले जाते है। मगर बरसात के दिनों में मुश्किल काफी बढ़ जाती है।

खासकर उस वक्त जब कोई बीमार पड़ जाये तो कांधे पर ढोकर पांच किलोमीटर मुख्य मार्ग तक आना पड़ता है।

क्योंकि गांव में काफी दिक्कत से चार पहिया वाहन पहुंचती है। किसी नेता के गांव आने की बात पूछने पर कहते है

चुनाव के पहले हर कोई आता है चुनाव के बाद कोई नही। बहरहाल सड़क न होने का दर्द राशाबेड के लोगो के दिल मे है। सड़क कब बनेगा इसका इंतजार ग्रामीण बेसब्री से कर रहे है।

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