राजद सुप्रीमो की अभी और बढ़ेंगी मुश्किलें, चारा घोटाला के और मामले हैं

संवाददाता
रांची : राष्ट्रीय जनता दल के (राजद) अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें आगे और बढ़ने वाली हैं। चारा घोटाले के और तीन  मामलों में लालू यादव आरोपी हैं, उनमें भी सुनवाई चल रही है । संभवत: अगले कुछ दिनों में इन मामलों में भी कोर्ट का फैसला आना शुरू हो जाएगा।
झारखंड में दुमका व डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में लालू यादव की रांची स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई कोर्ट में पेशी हुई। वहीं, चाईबासा मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंंिसग के जरिए हुई ।
सुनवाई के दौरान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को सीबीआई के अलग-अलग तीन विशेष कोर्ट में पेश किया जाना है । लालू को भारी सुरक्षा के बीच सीबीआई कोर्ट लाया गया । राजद प्रमुख वर्तमान में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में देवघर कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित मामले में सजा काट रहे हैं।
दरअसल, आरसी 38 अ/96 दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ की निकासी, आरसी 47ए/96 डोरंडा कोषागर से 139.35 करोड़ और आरसी 68ए/96 चाईबासा कोषागार से 37.62 करोड़ रुपये के अवैध निकासी से संबंधित मामले में सुनवाई चल रही है। दुमका मामले की सुनवाई जज शिवपाल सिंह की अदालत में चल रही है। वहीं, डोरंडा मामले की सुनवाई जज प्रदीप कुमार की अदालत में तो चाईबासा मामले की सुनवाई एसएस प्रसाद के अदालत में चल रही है।

उद्योगपतियों के हाथों में खेल रही सरकार : राजद

संवाददाता
 रांची : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद और झारखंड प्रभारी जयप्रकाश नारायण ने कहा कि वर्तमान केंद्र और राज्य की सरकार जुमलेबाजों और उद्योगपतियों के हाथों में खेलने वाली सरकार है। यह सरकार नवसृजित जमींदार पैदा कर रही है।
झारखंड राजद प्रभारी और पूर्व सांसद जयप्रकाश नारायण ने बुधवार को यहां प्रेसवार्ता में कहा कि लालू यादव ने मनुवादी शक्तियों और सोशल जस्टिस की विचारधारा को आगे बढ़ाने का जो काम किया है, वह वर्तमान केंद्र और राज्य की सरकार तोड़कर नवसृजित जमींदार पैदा करने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और रांची की सरकार जुमलेबाजों की सरकार है। लालू का कोई दोष नहीं है। देशभर में गांधी-गोड़से की लड़ाई है। लालू यादव के संदेश को राज्य के गांव-गांव तक पहुंचाया जायेगा। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि राजद प्रमुख लालू यादव ने सब दिन दबे-कुचले और शोषितों की आवाज को बुलंद किया है, आज उनकी आवाज को दबाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
लालू यादव कभी घबराये नहीं और मनुवादी शक्तियों को हर समय तोड़ने का काम किया। उन्होंने मुसहर जाति की भगवतिया देवी को संसद में पहुंचाने तक का काम किया जो सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी मिसाल है।

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