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बीआर शेट्टी के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई बड़े लोग यूएई से भागे

  • हवाई जहाज से यात्री लौटे तो घोटाला उजागर

  • कंपनी के बैंक खाते यूएई में सीज किये गये

  • यात्री लाने में छूट गयी कई गर्भवती महिलाएं

  • कंपनी का अफसर झूठ बोलकर भाग आया

विशेष प्रतिनिधि

त्रिवेंद्रमः बीआर शेट्टी को हिंदी भाषी प्रदेशों में लोग कम ही जानते हैं। अलबत्ता भाजपा के

ऊपर वालों के लिए यह एक परिचित नाम है। पाठकों की जानकारी के लिए बता दूं कि

दरअसल यह व्यक्ति भाजपा का कट्टर समर्थक व्यापारी है और संयुक्त अरब अमीरात में

उसके खिलाफ घोटाले के अनेक मामले उजागर हो रहे हैं।

दरअसल विदेशों से भारतीयों को विमान से लाने की प्रक्रिया प्रारंभ होते ही इसके राज तब

खुले जबकि बीआर शेट्टी की कंपनी का मुख्य वित्त अधिकारी अपने परिवार के लोगों के

साथ यहां भाग आया। सुरेश कृष्णमूर्ति नामक यह व्यक्ति अपने परिवार के पांच सदस्यों

के साथ अबू धाबी से कोच्ची पहुंचा है। खबर है कि उसने अपने घर में मौत होने की झूठी

जानकारी देकर यह टिकट हासिल किये थे। स्थानीय मीडिया में उसके टिकट का कोड

डीडीयूबीइवी भी जारी हो चुका है।

स्थानीय मीडिया का ध्यान इस पर लगा है

उसके चुपचाप आने और केरल की कई गर्भवती महिलाओं के अचानक पीछे छूट जाने के

पीछे केरल के लोगो ने अपने स्तर पर छानबीन की है। अधिक शिक्षित राज्य होने की

वजह से यहां के लोग किस बात पर यूं ही भरोसा नहीं कर लेते। लोगों ने छानबीन की तो

पता चला कि खाड़ी क्षेत्र में बीआर शेट्टी का साम्राज्य ही धराशायी हो चुका है। उसपर अनेक

किस्म की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। वह खुद भी वहां से भागा हुआ है।

अभी के हिसाब से उस पर 6.6 खरब डॉलर की देनदारी है। बीआर शेट्टी का नाम भाजपा

समर्थक होने की वजह से अधिक चर्चा में आया था। अब सुरेश कृष्णमूर्ति के भाग आने के

बाद यह जानकारी मिल रही है कि दरअसल बीआर शेट्टी की कंपनियों के सारे बैंक खाते

सीज कर दिये गये हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि यात्रियों को लाने में गर्भवती महिलाओं

के छोड़कर सुरेश कृष्णमूर्ति को सपरिवार लाने में एक केंद्रीय मंत्री का सीधा हस्तक्षेप रहा

है।

भावागुरु रघुराम शेट्टी ने हाल के दिनों में नरेंद्र मोदी के साथ कई मंच साझा किये थे।

इसकी वजह से लोगों को उसके बारे में जानकारी मिली थी। उसने सउदी अरब के साथ

साथ खाड़ी क्षेत्र में अपना कारोबार बढ़ाया था। अब उनकी सबसे प्रमुख कंपनी एनएमसी

के शेयर के भाव भी कौड़ियों के हो चुके हैं। 17 देशों में फैला इस कंपनी के कारोबार को

जोरदार झटका लगा है।

बीआर शेट्टी की कंपनियों को काली सूची में डाला गया

दरअसल इस कंपनी की वित्तीय गतिविधियों की जांच उस कंपनी ने की, जिसका प्रमुख

एफबीआइ का एक पूर्व निदेशक था। इस कंपनी ने पाया कि शेट्टी की कंपनी ने बिना बोर्ड

की सहमति के 3350 लाख करोड़ का कारोबारी समझौता किया है। यह समझौता खलीफा

बिन बुट्टी के साथ किया गया था। उसके बाद यह भी खुलासा हो गया कि इसी कंपनी ने

एक तीसरी कंपनी को एक सौ मिलियन डॉलर दिये हैं। दूसरी तरफ कंपनी पर बनी 4.5

बिलियन की देनदारी की बात भी छिपायी गयी थी। दस्तावेजी सबूत मिलने के बाद बीआर

शेट्टी को कंपनी से हटना पड़ा। लेकिन तब तक बात वहीं तक सीमित रही। जैसे जैसे

मामले की जांच आगे बढ़ी इस बारे में नये नये घोटाले भी जुड़ते चले गये। अब संयुक्त

अरब अमीरात ने उसके सभी बैंक खातों को जब्त करने के बाद सभी कंपनियों को काली

सूची में डाल दिया है।

अब सुरेश कृष्णमूर्ति के इस तरह लौटने और केरल की गर्भवती महिलाओं को छोड़ दिये

जाने के बारे में केरल के लोगों ने अपने संपर्कों के माध्यम से वहां खोज खबर की। वहां

जानकारी लिये जाने के बाद बीआर शेट्टी की कंपनी के कारोबार के खिलाफ जारी जांच और

बैंक खातों के जब्त होने की यह सूचना केरल तक आ पहुची है।


 

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  1. […] बीआर शेट्टी के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई … हवाई जहाज से यात्री लौटे तो घोटाला उजागर कंपनी के बैंक खाते यूएई में सीज किये … […]

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