बिरहोरों ने जमीन के दावे पर पेश किये अपने दस्तावेज

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बड़कागांव : बिरहोरों का दावा भूमि पर रैयतों ने अंचल कार्यालय में प्रस्तुत किया अपना कागजात।

उनलोगों ने अपनी तरफ से 1942 रामगढ़ राज्य से हुकुमनामा का कागजात किया प्रस्तुत किया है।

पंकरीबरवाडीह मौजा में खाता नंबर 2 प्लॉट नंबर 1900 रकवा एक एकड़ पर बहादुर बिरहोर वगैरा द्वारा दावा पेश करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने बड़कागांव अंचल कार्यालय में अपनी कागजात प्रस्तुत किया।

ज्ञात हो कि बहादुर बिरहोर आदि ने उक्त भूमि पर अपने पूर्वजों के नाम बंदोबस्त की जाने का दावा करते हुए बड़कागांव जिलाधिकारी को आवेदन दिया था।

आवेदन में पंकरीबरवाडीह के लोगों पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया गया था।

इस आवेदन के आलोक में अंचल कार्यालय बड़कागांव से दोनों पक्ष को नोटिस देकर 9 मार्च को कागज प्रस्तुत करने का निर्देशित की गई थी।

इसी आलोक में द्वितीय पक्ष द्वारा 3/3/ 1942 ई में बहादुर रामगढ़ राज के द्वारा सुकर साव के नाम जारी हुकुमनामा, 1944 ई का खालसा रसीद, वर्तमान ऑनलाइन रसीद, पंजी टू का सत्यापित छाया प्रति आदि कागजातों का प्रस्तुत किया गया।

कागजातों के साथ रैयत के उत्तराधिकारी कालीनाथ गुप्ता ने बड़कागांव अंचलाधिकारी के नाम एक आवेदन देकर कहा है कि

पंकरीबरवाडीह मौजा के खाता नंबर 2 प्लॉट नंबर 1900 पर गांव के कुछ लोगों ने जबरन जेसीबी मशीन के माध्यम से ट्रेंच काटने का काम शुरू किया गया था।

इसे रोकते हुए 10 जनवरी 2019 को बड़कागांव थाना में आवेदन देकर कार्रवाई करने की मांग की गई थी।

बड़कागांव थाना द्वारा दोनों पक्ष से कागजात प्रस्तुत करने की बात कही गई।

हम लोग वहां भी कागजात प्रस्तुत किया। लेकिन प्रथम पक्ष द्वारा अभी तक कोई कागजात नहीं दिखाया गया।

रैयत के उत्तराधिकारिओं ने आगे कहा है कि गांव के दर्जनों लोग उक्त भूमि पर अपना दावा ठोक रहे हैं।

लेकिन उन लोगों का कोई कागजात नहीं है। न ही जमीन पर दखल।

जब कोई कागजात दखल नहीं कर पाया तो लकुरा गांव के कुछ बिरहोरों को बहला-फुसलाकर उन लोगों को आगे करते हुए यह मामला को उलझाया जा रहा है।

इस संबंध में अंचलाधिकारी वैभव कुमार सिंह से पूछे जाने पर कहा कि दूसरा पक्ष तो कागजात को प्रस्तुत किया है लेकिन प्रथम पक्ष द्वारा कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया। अंचल कार्यालय के माध्यम से इसकी जांच की जा रही है।

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