Press "Enter" to skip to content

बड़ी देर कर दी मेहरबान आते आते इस चुनावी माहौल में




बड़ी देर कर दी हुजूर ने शायद। नतीजा है कि कृषि बिल वापसी का एलान होने के बाद भी किसान लठ लेकर खड़ा है। कह रहा है कि अब एमएसपी पर बात करो। यह किसान नेता राकेश टिकैत भी पता नहीं कहां कहां से कब्र खोदकर जानकारियां ले आता है। अब कहने लगे हैं कि मोदी जी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने ही इसकी सिफारिश की थी। अब तो हुजूर खुद सरकार है तो इसे लागू करें। दिक्कत यह है कि उत्तरप्रदेश का चुनावी पेंच इस कदर उलझता जा रहा है कि भाजपा की हालत सांप के गले में छुछुंदर अटकने जैसा हो चुकी है। न उगलते बन रहा है और ना निगलते बन रहा है। अंदरखाने में भाजपा के लोग भी चुपके चुपके बोलने लगे हैं कि अगर माफी मांगकर कृषि बिल वापस लेना ही था तो बड़ी देर क्यों कर दी। यह फैसला तो पहले भी लिया जा सकता है। लेकिन पार्टी के अंदर यह सवाल उठ गया है कि क्या वाकई नरेंद्र मोदी की जमीनी हकीकतों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। वह पहले नहीं समझ पाये थे कि इस एक जिद क वजह से पार्टी की क्या फजीहत होने वाली है। अगर ऐसा है तो उनके वे सलाहकार कौन हैं, जो तीनों कृषि कानूनों के समर्थन में टिके रहने की सलाह उन्हें दे रहे थे। एक भाजपा नेता और राज्यपाल सत्यपाल मलिक तो सार्वजनिक तौर पर अपनी तरफ से प्रधानमंत्री को दिये गये सुझावों और सलाहों की बात कह रहे हैं। उनके मुताबिक तो पहले ही मोदी जी को यह बता दिया गया था किसान आंदोलन में शामिल सिक्ख और जाटों से पंगा नहीं लिया जाए वरना उन्हें संभाल पाना कठिन हो जाएगा।




बड़ी देर कर दी कि हिदायत सत्यपाल मलिक ने दी थी

इसी बात पर एक फिल्म का गीत याद आने लगा है। वर्ष 1981 में बनी थी यह फिल्म। फिल्म का नाम था रूही। इस फिल्म के गीत को लिखा था मनोज यादव ने। इसे लता मंगेशकर ने अपना स्वर दिया था। गीत के बोल कुछ इस तरह हैं।
बड़ी देर की मेहरबान आते आते बड़ी देर की मेहरबान आते आते
कहा चल पड़े हम कहां जाते जाते बड़ी देर की मेहरबान आते आते
कहा चल पड़े हम कहां जाते जाते
तेरी ज़िन्दगी में आ न सके हम तेरी ज़िन्दगी में आ न सके हम
के पा कर भी तुझ को पा न सके हम झुंड ही खो गए हम
तुझे पाते पाते तुझे पाते पाते
बड़ी देर की मेहरबान आते आते
कहा चल पड़े हम कहां जाते जाते
न कुछ भी दिया जब हमें ज़िन्दगी ने न कुछ भी दिया जब हमें ज़िन्दगी ने
के तडपाया इतना तेरी बेरुखी ने ज़हर पी गए हम दवा आते आते
दवा आते आते
बड़ी देर की मेहरबान आते आते
कहा चल पड़े हम कहां जाते जाते
कहा चल पड़े हम कहां जाते जाते।
अब जिसको मरजी जहां चला जाए, अपने मोदी जी तो पहले ही कह चुके हैं कि झोला उठाकर चल देंगे। उत्तरप्रदेश में योगी जी भी जिस बॉडी लैंग्वेज के साथ चला करते थे, वह पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के उदघाटन के मौके पर नजर आये दृश्य के बाद कमजोर नजर आने लगा है। शायद जानकारी के बिना ही मोदी जी ने उन्हें अपने पीछे पीछे पैदल चला दिया और सोशल मीडिया में यह दृश्य वायरल क्या हुआ, योगी जी को अपनी तरफ से मोदी जी के साथ अपनी खास तस्वीरें शेयर करने की आवश्यकता आ पड़ी।




योगी जी को फोटो शेयर कर सफाई देनी पड़ रही है

बेचारे को बताना पड़ रहा है कि कैसे मोदी जी ने उनकी पीठ पर हाथ रखकर उनसे बात चीत की थी। पब्लिक का क्या, वह तो इन तस्वीरों का भी कोई दूसरा ही नतीजा निकालने में जुटी है। लेकिन क्या करें शेर को पिंजड़ा में बंद देखकर गिदड़ भी मुंह मारने लगते हैं। जिसकी कोई औकात नहीं अब वे भी सीना ठोंककर लखनऊ में आकर किसान महापंचायत कर चले जाते हैं। भाजपा ने धमकाया था कि बक्कल उतार देंगे। लेकिन हजारों किसान चारों तरफ से आ गये और भाजपा की धमकी की बक्कल उतारकर चले गये। अब झेलो। सामने चुनाव है और यही एक मौका होता है जब मैंगो मैन सबसे पावरफुल हो जाता है। कमसे कम पांच साल में एक बार इस मौके पर तो उनसे पंगा कतई नहीं लिया जा सकता। वैसे ही अजय मिशिर और उनके बेटे ने जो गुल खिलाया है, उससे पहले से ही लोग भरे पड़े हैं। अब बड़ी देर कर दी है तो आगे कोई गड़बड़ी ना हो, उसका तो पूरा ध्यान रखना ही पड़ेगा। पता तो है कि सारी अकड़े इसी सत्ता की वजह से हैं। यह हाथ से चली गयी तो एक दिन मे सारा रंगत उड़ जाएगा सारे हुजूरों के चेहरों से।



More from HomeMore posts in Home »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »

One Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.
%d bloggers like this: