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पुआल के बीच अचानक नजर आया था विशाल सांप तो मार ही डाला

  • मार डाला नाग और उसके चालीस बच्चों को

  • सफाई में लगे मजदूरों का नजर आया

  • आकार में बहुत बड़ा था यह नाग सांप

  • बच्चों को मारने के बाद अंडे भी नष्ट किये

प्रतिनिधि

मालदाः पुआल के बीच अचानक से बहुत बड़े आकार का सांप नजर आने से लोग घबड़ा

गये थे। आम तौर पर यहां ग्रामीण इलाकों में सांपों को मारने का रिवाज नहीं है। वे कुछ

ऐसा इंतजाम करते हैं कि सांप अपने तरीके से जंगल अथवा सुनसान इलाकों की तरफ

खुद ही चला जाए। लेकिन यहां का माहौल कुछ ऐसा था कि डांगिला गांव में अचानक बड़े

नाग के नजर आते ही लोग उससे बचाव के नाम पर लाठी- डंडा लेकर उसे मारने चले गये।

आज सुबह की यह घटना है। सारा कुछ समाप्त होने के बाद पुआल के ढेर से सांप के 15

अंडे भी नजर आये तो ग्रामीणों ने उन अंडों की भी तोड़ डाला।

वैसे इतनी अधिक संख्या में सांपों के मारे जाने की सूचना धीरे धीरे सार्वजनिक हो रही है।

इसलिए गांव के लोग भी मानते हैं कि अब वन विभाग के अधिकारी भी इस पर कार्रवाई

कर सकते हैं। वैसे भी ग्रामीण इलाकों की मान्यता के मुताबिक सांप को वैसे भी नहीं और

इस मौसम में बिल्कुल भी नहीं मारने का रिवाज है। अचानक की घबड़ाहट में अचानक

बहुत सारे लोगों ने मिलकर इसे अंजाम दे दिया है। आस पास के पर्यावरण प्रेमी भी मानते

हैं कि घबड़ाहट में इतनी अधिक संख्या में सांपों का मारा डाला उचित नहीं है। इससे बाद

भी इलाके का पर्यावरण संतुलन बिगड़ेगा और ग्रामीणों को ही मेंढक और चूहों की वजह से

बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

पुआल के बीच अचानक नाग देखकर घबड़ा गये थे लोग

घटना की जानकारी पाने के बाद यहां के ह्यूमैन राइटस एंड सेंटर अवं पर्यावरण बचाओ

समिति के महामंत्री मृत्युंजल दास ने कहा कि यह भी एक किस्म की जागरुकता का

अभाव है। सामान्य जानकारी नहीं होने की वजह से अक्सर ही लोग सांप देखते ही अपनी

सुझबूझ खो बैठते हैं। बाद में मेंढक और चूहों का आतंक इंसानों को परेशान करने लगता

है।

वैसे ग्रामीणों का कहना है कि वहां कुछ लोग सफाई का काम कर रहे थे। दरअसल एक

बगान के नीचे यह पुआल का ढेर पड़ा हुआ था। लोग इसलिए घबड़ा गये क्योंकि पास के ही

मैदान में गांव के बच्चे खेला करते हैं। इसी वजह से अपने बच्चों की चिंता में लोगों ने बिना

कुछ सोचे समझे इन्हें मार डाला। कुछ लोगों का कहना है कि सांप नजर आने के बाद वन

विभाग के लोगों को जानकारी दी गयी थी। उस तरफ से कोई उत्तर नहीं मिलने के बाद ही

ग्रामीणों ने सारे सांपों को मार डालने का फैसला किया। वैसे इस घटना के बाद आस पास

के इलाकों की तलाशी का काम भी तेज हो गया है। ग्रामीण मानते हैं कि जब एक इतने बड़े

आकार का सांप गांव के पास मिला है तो निश्चित तौर पर और भी सांप आस पास ही होंगे।

इस बारे में मालदा के वन विभाग के अधिकारी अंशु यादव ने कहा कि इतनी अधिक

संख्या में सांपों को मार डालना गलत है। समय पर सूचना मिल जाती तो विभाग के लोग

जाकर सारे सांपों को सकुशल निकालकर जंगल में छोड़ आते।

अलीपुरदुआर के फलाकाटा में हाथियों का हमला

फलाकाट प्रखंड के ग्रामीण अब रात को ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। दरअसल जंगली

हाथियों का दल रात के अंधेरे में हमला कर रहा है। कच्चे मकान होने की वजह से इनकी

दीवारों को तोड़कर धान खाना हाथियों के लिए आसान हो गया ह । कल रात ही तीन

हाथियों ने मिलकर दलगांव चाय बगान के इलाकों के पांच घरों को तोड़ डाला है।

उधर राजाभातखाओया गारोबस्ती में धान के खेत के बीच से हाथी के एक बच्चे का शव

बरामद किया गया है। यह बच्चा कैसे मरा, इस बारे में किसी को जानकारी नहीं है। कल

शाम तक लोग अपने अपने खेतों में काम कर रहे थे। उस वक्त आस पास कोई हाथी नजर

नहीं आया था। जहां हाथी का बच्चा मरा पाया गया है, उसके आस पास बिजली का कोई

तार भी नहीं है।


 

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