चीन भारत से लेगा कैंसर की सस्ती दवाई, फिल्म का असर

दोनों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिसके तहत भारतीय दवाइयों खासकर कैंसर रोधी दवाइयों के आयात पर चीन में टैरिफ कम करने पर सहमति जताई गई है।

चीन में कैंसर रोगियों को अब दवाइयों का अभाव नहीं झेलना पड़ेगा। भारत से आने वाली जिन कैंसर रोधी दवाइयों के आयात पर चीन ने रोक लगा रखी थी उसे अब मंजूरी दे दी गई है।

और ये संभव हो पाया है फिल्म ‘डाईंग टू सर्वाइव’ की रिलीज के बाद।

यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है, जिसमें ल्यूकेमिया बीमारी से पीड़ित एक मरीज भारत से कैंसर रोधी दवाइयों को अवैध तरीके से मंगवाता है और जरूरतमंदों को इसकी आपूर्ति करवाता है। चीन सरकार पर इस फिल्म का ऐसा प्रभाव पड़ा कि उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा। दोनों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिसके तहत भारतीय दवाइयों खासकर कैंसर रोधी दवाइयों के आयात पर चीन में टैरिफ कम करने पर सहमति जताई गई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सोमवार को कहा, हम कैंसर रोधी दवाइयों के ऊपर टैरिफ को कम करने के साथ ही इसके आयात में वृद्धि पर भी विश्वास करते हैं।चीन ने पिछले सोमवार को भारत से आने वाले कैंसर रोधी दवाइयों पर लगने वाले टैरिफ को हटा दिया था, लेकिन चीन के इस कदम से भारतीय उद्योग पर कोई असर नहीं हुआ क्योकि भारतीय उद्योगों के मुताबिक, चीन में इन दवाइयों को बेचने के लिए सरकारी अस्पतालों से समर्थन और साथ ही लाइसेंस की जरुरत थी। यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ने ये नया फैसला पिछले सोमवार के अपने फैसले को आगे बढ़ाते हुए लिया है या यह एक नया फैसला है।यह संभावना जताई जा रही है कि बीजिंग भारतीय कंपनियों से इन दवाइयों का आयात करने के बजाए उन्हें अपने यहां ही पेटेंट वाली कैंसर रोधी दवाइयों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करे। चीन ने कुछ भारतीय कंपनियों को अपने यहां इनके निर्माण औऱ उत्पादन संबंधी सुविधाएं देने पर भी बात की है।

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