चीन चला 4G के दौर में 6G की राह पर, काम हुआ शुरू

वर्तमान समय में हुवावे और जेडटीई जैसी कंपनियां तेजी से 5G टेक्नोलॉजी पर कार्य कर रही है।

चीन की आईटी मिनिस्ट्री ने एलान किया है की नेक्स्ट जनरेशन मोबाइल कम्युनिकेशन नेटवर्क 6G डेवलपमेंट की शुरुआत की जाएगी।

आईटी मिनिस्टर मिआओ वी ने कहा है कि- ”इंटरनेट ऑफ थिंग्स के लिए ज्यादा बेहतर और योग्य मोबाइल नेटवर्क की जरूरत है इसलिए अब 6G टेक्नोलॉजी का डेवेलपमेंट किया जाएगा।”

रिपोर्ट्स के अनुसार चीन इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर सारा ध्यान केंद्रित कर 6G नेटवर्क
डेवलप करने की तैयारी में है। वर्तमान समय में हुवावे और जेडटीई जैसी कंपनियां तेजी
से 5G टेक्नोलॉजी पर कार्य कर रही है। हुवावे ने 5G टेक्नोलॉजी पर काम करते हुए
कई भारतीय टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझेदारी भी की है। 5G नेटवर्क में मौजूदा
स्पीड के मुकाबले 20 से 50 गुना ज्यादा तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।

इंटरनेट ऑफ थिंग्स नेटवर्किंग को कहा जाता है। अब आपके मन में सवाल होगा
की यह किस तरह की नेटवर्किंग है? इस नेटवर्किंग में आपके उपयोग के सभी

गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज एक-दूसरे से कनेक्ट होते हैं। यह टेक्नोलॉजी
बेहद उपयोगी और कामगर है। टेक्नोलॉजी ने हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी को कितना
आसान बना दिया है यह तो सभी जानते हैं। यह टेक्नोलॉजी भी वही करती है। इसे
आसान भाषा में एक उदहारण के जरिए समझाया जा सकता है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स के
अंतर्गत आपका एक डिवाइज आपके घर, किचन आदि में मौजूद अन्य डिवाइसेज को
कमांड देता है। इस तरह से एक डिवाइस को इंटरनेट के साथ लिंक कर के बाकी डिवाइसेज
से अपने अनुसार कुछ भी कार्य करवाया जा सकता है। जैसे की- एक कार बीमा
कंपनी अपने पालिसी धारकों को सेंसर के माध्यम से किसी ऐसे क्षेत्र में बढ़ने से रोक/चेतावनी दे सकती है, जहां चक्रवात या कोई और आपदा आने की आशंका हो।

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