चक्रवात का माहौल, केरल के बचने की उम्मीद, तूफान की गति 178 किमी

चक्रवात
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शालिनी टी एस



तिरुअनंतपुरम : अरब महासागर में फिर से एक चक्रवात तैयार हो रहा है। इस चक्रवात का नाम मेकुनू रखा गया है।

लक्ष्यद्वीप और मालदीप के बीच बने इस कम दबाव के क्षेत्र से कई इलाके प्रभावित हो सकते हैं।

वैसे इस चक्रवात की दिशा और गति के आधार पर ही मॉनसून के आगे बढ़ने का क्रम भी निर्धारित होने वाला है।

वर्तमान आकलन के मुताबिक इस चक्रवात के केरल तट पर नहीं धमकने की पूरी संभावना है।

वैसे चक्रवात को देखने हुए केंद्र सरकार ने सभी समुद्री इलाकों में सतर्कता बरतने के आदेश जारी कर दिये हैं।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है।

चक्रवात की वजह से समुद्र में काफी ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिनका कुछ प्रमुख समुद्र के किनारे वाले इलाकों पर पड़ सकता है।

चक्रवात का असर समुद्री इलाकों पर पड़ेगा

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आगामी शनिवार तक इस तूफान का असर देखने को मिल सकता है।

वैसे जिस तरीके से वहां बादल घूम रहे हैं, उससे उम्मीद है कि यह चक्रवाती तूफान ओमान और उत्तरी यमन के समुद्री तट की तरफ बढ़ जाएगा।

रविवार तक इसके पूरी तरह समाप्त हो जाने की भी उम्मीद की जा रही है।

पहले समुद्र में बने बादलों की वजह से यह उम्मीद जतायी गयी थी कि 29 मई तक मॉनसून का केरल में प्रवेश हो जाएगा।

अब चक्रवात के बन जाने की वजह से बीच बीच में कई इलाकों में रूक रूककर बारिश होती रहेगी।

कई अवसरों पर समुद्र में ऐसे चक्रवात बन जाने की वजह से भी मॉनसून के बादलों का आगे बढ़ना रूक जाता है।

इस बार पहले से ही मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि चक्रवात अथवा पश्चिमी विक्षोभ के नहीं होने से बेहतर बारिश होगी।

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