किम जोंग उन को लेकर जापान और द. कोरिया में खींचतान

किम जोंग उन
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सिंगापुरः उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को बातचीत में शामिल किये जाने के सवाल पर जापान और दक्षिण कोरिया के बीच खींचतान शुरू हो गयी है।

जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोडेरा ने शनिवार को सिंगापुर में शांगरीला डॉयलॉग को संबोधित करते हुए कहा केवल बातचीत के लिए राजी करने के सवाल पर उत्तर कोरिया को पुरस्कृत नहीं करना चाहिए।

बल्कि इसे अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को नष्ट करने को लेकर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

श्री ओनोडेरा के दक्षिण कोरियाई समकक्ष ने उत्तर कोरिया को वैश्विक समुदाय के साथ वार्ता में शामिल किये जाने को लेकर उसका समर्थन करने की अपील की और कहा कि इसके नेता किम जोंग उन को संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए।

अमेरिका के दोनों सहयोगी देशों के बीच विचारों का मतभेद ऐसे समय में उभरकर सामने आया है तब उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रमों को समाप्त करने को लेकर श्री किम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच 12 जून को सिंगापुर में शिखर सम्मेलन होने जा रहा है।

श्री ओनोडेरा ने कहा कि उत्तर कोरिया ने पहले भी अपने परमाणु कार्यक्रमों को समाप्त करने को लेकर समझौतों पर सहमति व्यक्त की थी लेकिन इसने अपने हथियारों को विकसित करने की गतिविधियां जारी रखी।

किम जोंग उन के मुद्दे पर शांति पर जापान को संदेह

श्री ओनोडेरा ने कहा, “अतीत में उत्तरी कोरिया के व्यवहार को देखते हुए बातचीत पर सहमत होने के लिए इसे पुरस्कृत करना महत्वपूर्ण नहीं है।”

उन्होंने कहा कि शांति सुनिश्चित करने का केवल एक ही रास्ता है कि उत्तर कोरिया सभी परमाणु कार्यक्रमों तथा सभी श्रेणियों की बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाये।

उत्तर कोरिया ने राजनयिक और आर्थिक पुरस्कारों के एवज में 1994 और 2005 में अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम समाप्त करने के समझौतों पर हस्ताक्षर किये थे लेकिन इसके बाद इसने छह परमाणु परीक्षण किये जिसमें पहला 2006 में किया गया था।

इन परीक्षणों के बाद संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर कई प्रतिबंध लगाये। दक्षिण कोरिया के उदारवादी राष्ट्रपति मून जाइ इन ने उत्तर कोरिया को बातचीत में शामिल करने को अपनी सर्वाेच्च प्राथमिकता बना लिया है ताकि दशकों पुरानी शत्रुता खत्म कर स्थायी शांति बहाल की जा सके।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह अपने पड़ोसी को पतन के मार्ग पर नहीं जाने देंगे।

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री सोंग युंग मू ने कहा कि उत्तर कोरिया किस हद तक परमाणु निरस्त्रीकरण करने पर सहमत हो इस पर बहस छिड़ी हुई है लेकिन अगर हमारा ध्यान असहमति पर है आगे बढ़ने पर नहीं, तो बातचीत कभी आगे नहीं बढेगी।

श्री सोंग ने फोरम में कहा, “यदि आप किम जोंग उन के उद्देश्यों पर शक करना जारी रखते हैं, तो यह केवल बातचीत और प्रगति में बाधक होगा।”

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