कल्याण विभाग में सवा नौ करोड़ का महाघोटाला उजागर, अधिकारी और नाजिर ने दिया अंजाम

महाघोटाला
  • जांच में हुआ खुलासा, फर्जी एजेंसियां के नाम पर भुगतान

  • अधिकांश बैंक खाता नाजिर और उसके परिजनों के नाम

संवाददाता



चतरा : कल्याण विभाग में अब एक महाघोटाला उजागर हुआ है।

विभाग के दो जिला कल्याण पदाधिकारियों ने नाजिर की मिलीभगत से 9 करोड़ 33 लाख रुपये की सरकारी राशि का बंदरबांट किया है।

मामले का खुलासा उपायुक्त जितेंद्र सिंह द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट से हुआ है।

आयोजित प्रेस वार्ता में डीसी ने बताया कि विभाग द्वारा जिला कल्याण को आवंटित छात्रवृत्ति व भवन निर्माण समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को ले निर्गत राशि का फर्जी चेक व अकाउंट के माध्यम से घोटाला किया गया है।

जिला कल्याण पदाधिकारी भोलानाथ लागुरी व आशुतोष कुमार ने अपने-अपने कार्यकाल मे विभाग के नाजिर इंद्रदेव प्रसाद से सांठ-गांठ कर फर्जी शिक्षण संस्थानों व एजेंसियों के नाम पर चेक के माध्यम से राशि का भुगतान अवैध तरीके से कर योजना में घोटाला किया है।

महाघोटाला में अधिकांश एकाउंट नाजिर और उसके परिजनों के

अधिकारियों ने नाजिर की मिलीभगत से जिस अकाउंट को कार्य एजेंसी और शिक्षण संस्थान बताकर पेमेंट किया है, उनमें से ज्यादातर वैसे एनजीओ व एजेंसी के अलावे संस्थान शामिल है जो अस्तित्व में है ही नहीं।

हां उन संस्थाओं के नाम के साथ अंकित अकाउंट नम्बर जरूर ओरिजिनल है।

उपायुक्त ने बताया कि अधिकारियों व नाजिर द्वारा जिस एजेंसी व एनजीओ के नाम पर चेक निर्गत कर खाता में राशि का भुगतान किया गया है वो बैंक खाता नाजिर की पत्नी व परिजनों के अलावे खुद नाजिर के नाम से है।

इतना ही नहीं कुछ ऐसे भी एनजीओ व एजेंसी को भुगतान किया गया है जिनका दूर-दूर तक कल्याण विभाग से रिश्ता-नाता नहीं है।

डीसी ने पत्रकारों को बताया कि ज्यादातर फर्जी भुगतान जिला कल्याण पदाधिकारी आशुतोष कुमार के एक साल के कार्यकाल के दौरान किया गया है।

उन्होंने करीब साढ़े छह करोड़ का फर्जी भुगतान किया है।

जबकि करीब पौने तीन करोड़ का भुगतान जिला कल्याण पदाधिकारी भोलानाथ लागुरी के कार्यकाल के दौरान हुआ है।

अब यह भी पता चल रहा है कि मामलों की जानकारी होने के बाद भी कल्याण पदाधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बाद भी उनके द्वारा नाजिर के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।



Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.