आपको अधिक दिनों तक जवान रखेगा चौबीस घंटे का उपवास

उपवास
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  • चूहों पर हुआ है सफल परीक्षण

  • कोशिकाओं का निर्माण तेज होता है

  • आंतरिक प्रक्रियाएं बदलती हैं

प्रतिनिधि
नईदिल्ली : उपवास रखना हर किसी के लिए फायदेमंद साबित होता है। नई शोध से इस तथ्य का खुलासा हुआ है।
अगर आप चौबीस घंटे का उपवास रखते हैं तो आपके बूढ़े होने की स्थिति देर से आने वाली है।
उपवास के इस दौर में आपके शरीर के अंदर स्टेम कोशिकाओं के नये सिरे से तैयार होने की प्रक्रिया बनी रहती है।
उम्र के साथ इस कोशिकाओं के बनने की गति धीमी पड़ जाती है लेकिन उपवास उस प्रक्रिया को फिर से ताजा कर देता है।
अमेरिका में काफी दिनों तक चले शोध के यही निष्कर्ष निकला है।
इसमें शामिल वैज्ञानिकों ने पाया है कि उपवास के दौरान पेट की अंतड़ियों में एक बदलाव होता है।
इससे शरीर के अंदर मौजूद कार्बोहाइड्रेट चर्बी को गलाने लगते हैं।
साथ ही कोशिकाओं ने नवनिर्माण की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है।
अंतड़ियों के अंदर बनने वाले यह कोशिकाएं शरीर को आयु की मार से बचाने में सहायक होती हैं।
वैज्ञानिकों ने अधिक आयु के तथा कम आयु के चूहों पर प्रयोग की सफलता के बाद ऐसा निष्कर्ष निकाला है।
यह पाया गया है कि उपवास के दौरान चूहों की रक्त कोशिकाओं का विभाजन प्रारंभ हुआ।
इससे ग्लूकोज के बदले फैटी एसिड बने। इस फैटी एसिड ने रक्त कोशिकाओं के निर्माण की गति में तेजी ला दी।

उपवास से पेट की बीमारी और कैंसर में भी फायदा

प्रयोग के निष्कर्ष के आधार पर शोधकर्ताओं का मानना है कि इस किस्म के उपवास से पेट
की बीमारियों से पीड़ित लोगों के अलावा किमोथैरापी लेने वाले कैंसर के मरीजों को भी फायदा होता है।
शोध दल के नेता और एमआइटी के प्रोफेसर डेविड साबाटिनी ने कहा कि इस उपवास से
शरीर की सामान्य आंतरिक प्रक्रियाएं बदल जाती हैं।
जिससे व्यक्ति की कोशिकाओं का सृजन होने लगता है।
अंतड़ी की इन कोशिकाओं के बारे में पहले से ही पता है कि इनकी आयु पांच साल की होती है।
जैसे जैसे आदमी की उम्र बढ़ती है कोशिकाओं के निर्माण की गति धीमी होती चली जाती है।
उपवास इसी क्रम को बदल देता है। इसलिए चौबीस घंटे का उपवास शरीर के अंदर की
स्थिति को तरोताजा करने में मददगार होता है।
इससे खास तौर पर पुरानी रक्त कोशिकाओं को अधिक फायदा होता है और वे बेहतर तरीके से अंतड़ी के अंदर काम करने लगते हैं।

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