ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों से निपटने को तैयार, जारी रखेगा तेल की बिक्री

तेल से होने वाली सबसे बड़ी आमदनी को अमेरिका खत्म करना चाहता है।

ईरान के उपराष्ट्रपति ने मंगलवार को स्वीकार किया की अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से उनकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा लेकिन वह जितना हो सकता है, उतना तेल बेचना जारी रखेंगे जिससे कि बैंकों को बचाया जा सके।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ईरान के पेट्रोकेमिकल, स्टील और कॉपर निर्यात पर रोक लगाना चाहता है।

उन्होंने कहा, ‘तेल से होने वाली सबसे बड़ी आमदनी को अमेरिका खत्म करना चाहता है। लेकिन यह सोचना गलती है कि ईरान के खिलाफ व्यापार युद्ध से उसे कोई नुकसान नहीं होगा।’ अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मई में कहा था कि अगर ईरान प्रतिबंधों से राहत देने के बदले परमाणु कार्यक्रमों को सीमित करने पर सहमत हो तो वह इस मामले में नहीं पड़ेंगे। ट्रंप ने कहा कि वह दोबारा प्रतिबंध लगाएंगे और उन्होंने देशों से ईरान से तेल न खरीदने को कहा।

मंगलवार को जर्मनी में अमेरिका के राजदूत ने बड़ी रकम वापस लेने के लिए ईरान की बोली को रोकने के लिए भी कहा था। ईरान के उपराष्ट्रपति ने विदेश मंत्रालय और सेंट्रल बैंक को अमेरिका के प्रतिबंधों से निपटने के निर्देश दिए। यूरोपीय शक्तियों ने ईरान के साथ व्यापार बढ़ाने की बात कही है जबकि कई कंपनियों ने पहले ही कह दिया है कि वे ईरान से दूरी बनाने की योजना बना रही हैं।

परमाणु सौदे में शामिल बाकी पांच देशों ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, चीन और रूस ने ईरान को विशेष पैकेज देने की पेशकश की थी लेकिन ईरान ने लेने से इनकार कर दिया। उपराष्ट्रपति जहांगिरी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यूरोपीय देश ईरान की मांग के मुताबिक काम करेंगे लेकिन अभी प्रतीक्षा करके देखना है।’ उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि ईरान में विरोध पैदा करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

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