इस्लाम का मतलब शांति है और कभी गलत नही सिखाता: मौलाना

इस्लाम का मतलब शांति है और कभी गलत नही सिखाता: मौलाना
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पाकुड़: इस्लाम का मतलब शांति है और इस्लाम कभी गलत नही सिखाता। इस्लाम के धर्मग्रंथ कुरान को अमल करने से सामाजिक कुरीतियां मिटेगी।

कुसंस्कारों से छुटकारा मिलेगा। समाज से अशांति दूर होगी।

उक्त बातें इटावा यूपी के मौलाना आदिल रियाजी ने अपने तकरीर के दौरान उपस्थित मुस्लिम धर्मावलंबियों से कही।

वे पाकुड़ के चांचकी गांव में आयोजित इस्लामिक धर्मीय तबलीगी जलसा को संबोधित कर रहे थे।
जलसा का सभापति शौकत अली ने किया।

इसके अलावा दक्षिण दिनाजपुर के मौलाना अबुल कलाम आजाद सलाफी, पूर्णिया बिहार के मौलाना हुसैन सलाफी, मालदा के मौलाना मोबास्सेर मिफ्ताहि और चांचकी के मौलाना असादुल्ला ने भी अपने तकरीरें पेश की।

मौलानाओं ने कहा हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहिस्लाम के बताए गए रास्ते पर चलना सच्चे मुसलमानों का धर्म है।

सच्चा ईमान, नमाज, रोजा, हज और जकात इस्लाम का बुनियाद है। इसके अलावा शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक शिक्षा के साथ साथ जनरल शिक्षा को बढ़ावा देना अति आवश्यक है।

शिक्षा के बिना एक बेहतर इंसान बन पाना संभव नहीं है। इस जलसे में हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबी उपस्थित थे।

जलसा को सफल बनाने के लिए मुखिया मोख्तार शेख, ईदू शेख, नासिर शेख, बहरुद्दीन शेख, मास्टर अलाउद्दीन शेख, असीम अकरम, हाजिकुल आलम सहित अन्य ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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