आरकॉम के खिलाफ शुरू होगी बैंकरप्ट्सी प्रॉसीडिंग

मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो इंफोकॉम को 18,000 करोड़ रुपये में बेचने की डील को धक्का लग सकता है।

 आरकॉम के  खिलाफ इनसॉल्वेंसी ट्राइब्यूनल ने  बैंकरप्ट्सी प्रॉसीडिंग शुरू करने का ऑर्डर दिया है।

इससे अनिल अंबानी के मालिकाना हकवाली इस टेलिकाॅम कंपनी की अपने वायरलेस एसेट्स बड़े भाई

मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो इंफोकॉम को 18,000 करोड़ रुपये में बेचने की डील को धक्का लग सकता है।

 आरकॉम पर भारी कर्ज है और उसने इसे कम करने के लिए यह डील की थी। नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने आठ महीने की कानूनी लड़ाई के बाद मंगलवार को आरकॉम और उसकी सब्सडियरीज के खिलाफ स्वीडन की टेलिकाॅम गियर कंपनी एरिक्सन की तीन याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। इससे एयरसेल के बाद आरकॉम बैंकरप्ट्सी प्रॉसीडिंग में जाने वाली दूसरी टेलिकाॅम कंपनी बन गई है। NCLT के इस ऑर्डर के खिलाफ आरकॉम नैशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में अपील कर सकती है।

आरकॉम पर लगभग 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। देश के टेलिकाॅम मार्केट में कड़े कॉम्पिटिशन का आरकॉम सामना नहीं कर सकी थी और इस वजह से इसे 2017 के अंत में अपना वायरलेस बिजनेस बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। एयरसेल के साथ मर्जर की कोशिश बेकार होने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया था। पिछले वर्ष दिसंबर में इसने जियो के साथ अपना स्पेक्ट्रम, टावर्स, फाइबर और स्विचिंग नोड्स बेचने की डील साइन की थी। यह कदम कर्ज को कम करने के लिए उठाया गया था। कंपनी के बैंकरप्ट्सी प्रॉसीडिंग में जाने से यह डील अटक सकती है।

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