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आतंक का पर्याय बना कुख्याल नक्सली मोहन यादव गुट संघर्ष में मारा गया

संवाददाता

बुढ़मू : आतंक का पर्याय बने उग्रवादी मोहन यादव की हत्या रांची जिला अंतर्गत बुढ़मू

थाना क्षेत्र के उमेडण्डा सहैदा गाढ़ा एक भट्टा के समीप गोली मारकर कर दी गई। घटना के

संबंध मे लोगो का कहना है कि हत्या पर उग्रवादी संगठन टीपीसी के दिनेश जी ने हत्या

की जिम्मेवारी ली है। पूर्व में भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ा था। परंतु पिछले कुछ

सालों से माओवदियों से अलग होकर यह अपना संगठन बना लिया था।और पिछले दो

वर्षों से बुढ़मू ,खलारी, ठाकुरगांव, चान्हो,पिठौरिया , पिपरवार,मैकलुस्कीगंज आदि कई

क्षेत्र में सक्रिय था और लेवि वसूलने का काम किया करता था। उस दौरान उसने कई

उग्रवादी घटनाओं को अंजाम दिया था। मोहन यादव के विरुद्ध विभिन्न थानों में आधा

दर्जन से अधिक मामले दर्ज है। पुलिस को पिछले दो वर्षों से आतंक का पर्याय बने इसी

मोहन यादव की तलाश थी। इधर माओवादी मोहन यादव के मारे जाने के बाद पुलिस ने

राहत की सांस ली है। वहीं मौके पर पहुँचे रांची के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम, खलारी

डीएसपी मनोज कुमार, मांडर इंस्पेक्टर एवं बुढ़मू थाना प्रभारी सिद्धेश्वर महथा, थाना

प्रभारी नवीन रजक, महिला प्रशिक्षु दरोगा गुलाब सोय मुर्मू सहित अन्य पुलिस

पदाधिारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए घटना स्थल का दौरा किया। पुलिस ने मृतक

मोहन यादव के पास से पिट्ठू ,वर्दी,4 मोबाइल,दवा, टार्च, मैगजीन, व 52 जिंदा गोली भी

बरामद किया है। बुढ़मू पुलिस ने बताया कि किसी भी संगठन ने अभी घटना की

जिम्मेवारी नही ली है।

आतंक का पर्याय बने की हत्या की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली

साथ ही पुलिस ने बताया कि हमलोग अभी तक कोई पर्चा- पेपर नहीं बरामद किया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। बुढ़मू पुलिस लिखित रूप से

कहा कि पांच जून रविवार की रात 8:30 बजे बुढ़मू थाना क्षेत्र के ग्राम एरुद के उत्तर

जंगली खेतों में गोली चलने की सूचना पर उस क्षेत्र में खोज एवं तलाशी अभियान चलाया

गया। खोजबीन करने पर रात 10:30 बजे ग्राम एरूद के उत्तर खेत में एक मृत व्यक्ति का

शव पाया गया, जिसकी पहचान कुख्यात माओवादी मोहन यादव, पिता श्री पुना यादव

ग्राम नावाडीह कंडेर थाना बुढ़मू के रूप में की गई। शव पेट तथा मुंह के बल गिरा हुआ था,

जिसके पीछे माथे में एवं पीठ में गोली मारी गई थी। शव के पास एक पिट्ठू बैग पाया गया,

जिसमें एक वॉकी टॉकी, 6 मोबाइल, एसएलआर राइफल का एक मैगजीन तथा 52 जिंदा

कारतूस एवं कुछ नक्सल साहित्य बरामद हुआ। यह माओवादी बुढ़मू, खालारी तथा

पिपरवार थाना के 08 नक्सल कांडो में वांछित था। पहचान के बाद शव को पोस्टमार्टम के

लिए भेजा जा चुका है तथा इस घटना के संदर्भ में बुढ़मू थाना कांड संख्या 48/ 20 दिनांक

06.07.20 धारा 302 भा.द.वी. एवं 27 आर्म्स एक्ट अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कर अनुसंधान

किया जा रहा है


 

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