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हिंडालको रेड मड पांड टूटने के लिए रघुवर सरकार दोषी : मुंडा

  • हिंडालको प्रबंधन और अफसरों पर दर्ज हो अपराधिक मामला

रांची : हिंडालको रेड मड पांड टूटने से भयावह स्थिति पैदा हो गई है।

आदिवासी जन परिषद के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रेम शाही मुण्डा ने कहा कि

इस पौंड के टूटने से इस क्षेत्र में भयंकर रूप से प्रदूषण फैल गई है

जिसके कारण वहां के स्थानीय लोगों की आंखों में जलन शुरू हो गया है।

कुंआ का जल स्तर घटने लगा है और नीचे चला जा रहा है।

रेल लाईन को क्षति होने से कोई नहीं रोक सकता है।

तुरंत नियंत्रण नहीं किया गया तो रेल लाईन को टूटने से कोई नहीं रोक सकता है।

इस तरह की भयावह स्थिति के पैदा होने के पीछे का मुख्य कारण है राज्य की रघुवर सरकार।

सरकार के विभिन्न विभागों जैसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, उद्योग विभाग के तमाम पदाधिकारी

व्यापारियों की साठ-गांठ भी हादसे का कारण है।

हिंडालको हादसे में सांठ गाठ सरकार की भी रही है

ये लोग सुरक्षा के लिए कोई कारगर उपाय पूर्व में ही नहीं किये,

अगर ये लोग इस रेड मड को जमा करने का काम अन्यत्र कहीं किया होता तो आज ये भयावह स्थिति नहीं होती।

ये लोग इसका विस्तारीकरण ना करके रेड मड का पहाड़ीनुमा डम्प करने का काम किया।

यह सर्वविदित है कि रेड मड से ऊंचा पहाड़ नहीं बनाया जा सकता है जिस कारण सलेज डम्प पौन्ड को टूटना पड़ा।

और तो और पौन्ड से सटे आदिवासियों केधार्मिक सरना स्थल को भी प्रबंधन ने प्रशासन से मिलीभगत कर

अधिग्रहण करने का काम किया गया था।

सरना स्थल को अधिग्रहण और अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए 1988 में बिहार विधान परिषद में सरना स्थल को मुक्त करने से सम्बंधित निर्णय लिया गया था।

जिसके कारण राज्य सरकार को वाध्य होकर झुकना पड़ा था।

लेकिन दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है कि सरना स्थल इस भयावह स्थिति में काल के गाल में फंस गया

जिस कारण यहां के सरना धर्मावलम्बियों को गहरा आघात पड़ा है।

श्री मुंडा ने सरकार से मांग की कि हिंडालको प्रबंधन जो इसके लिए पूर्णत: जवाबदेह है।

इस पर अपराधिक मामला दर्ज हो तथा सरकार सरना स्थल पर कब्जा के मामले पर अत्याचार अधिनियम 1989 के तहत मामला दर्ज करे।

श्रम विभाग के पदाधिकारी के गैर जवाबदेही से आज सैकड़ों लोगों की जान चली गई

जिसका साक्ष्य छुपाने का काम किया जा रहा है,

इस पर अपराधिक मामला दर्ज हो तथा हादसे में मृत लोगों को सरकार

अविलम्ब 25-25 लाख की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में देने का काम करे।

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