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भारतीय वैज्ञानिक कैंसर का ईलाज खोजने के करीब पहुंचे

  • स्टेम सेल का प्रोटिन कैंसर का प्रतिरोधक बनेगा
  • बेंगलुरु के संस्थान में चल रहा है शोध
  • चूहों पर किया गया प्रारंभिक प्रयोग सफल
  • बीमारी के कारणों की पहचान कर निदान तलाशा

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः भारतीय वैज्ञानिकों का एक दल कैंसर का ईलाज खोजने की दिशा में काफी तरक्की कर चुका है।

इस शोध दल ने उस स्टेम सेल की पहचान कर ली है, जो ब्लड कैंसर का रोग ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यह शोध बेंगलुरु के जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च में चल रहा है।

शोध दल का मानना है कि शरीर में मौजूद एक स्टेम सेल यह काम कर सकता है।

इस स्टेम सेल प्रोटिन का नाम अश्रित रखा गया है।

सेल में रोग के ईलाज के सारे गुण विद्यमान

हेमाटोपोइटिंक स्टेम सेल की श्रेणी में वह गुण पाये गये हैं जो इस रोग को ठीक करने में काम आ सकते हैं।

अनुसंधान के क्रम में चूहों पर इसका प्रयोग किया गया है। यह प्रयोग सफल रहा है।

एक अंतर्राष्ट्रीय शोध प्रबंध में इस अनुसंधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है।

यह बताया गया है कि शरीर में होने वाले ट्यूमरों को दबाने में पी 53 एक आवश्यक शर्त है।

लेकिन इस श्रेणी के सेलों में से सिर्फ 11 प्रतिशत में ही यह विद्यमान होता है।

इस पी 53 के अनियंत्रित विकास से ही ब्लड कैंसर जैसी बीमारी बढ़ने लगती है।

अब उसके गुण दोष पर शोध कर आगे की प्रक्रिया की जा रही है।

ताकि क्रमवार तरीके से इस रोग के निदान में यह स्टेम सेल कैसे काम करेगा,

उसकी एक विज्ञान सम्मत प्रक्रिया तैयार की जा सके।

चूहों पर किये गये प्रयोग में पहले तो उसमें बीमारी के लक्षण पैदा किये गये थे।

जब ऐसे विकार विकसित हो गये तो उसके स्टेम सेल का ईलाज प्रारंभ किया गया।

भारतीय वैज्ञानिक शोध के गुण दोष का अध्ययन कर रहे हैं

इस काम के लिए तैयार खाल अश्रित नल (शून्य) को चूहे पर इस्तेमाल किया गया।

इसके इस्तेमाल के बाद शरीर के अंदर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखा गया था।

वैज्ञानिकों ने यह पाया कि छह महीने के भीतर प्रभावित इलाके के आस पास की रक्त कोशिकाओं में

गुणात्मक सुधार दर्ज किये जा सके हैं।

परीक्षण में चूहो में सुधार दर्ज किये गये हैं

यहां तक कि ब्लड सेल काउंट बढ़ने के साथ साथ कई अन्य विकार भी अपने आप ही घटने लगे हैं।

साथ ही इस क्रम में बोन मैरो के बढ़ने और उसमें विकास के लिए जरूरी तत्वों की भी बढ़ोत्तरी इसके प्रयोग से दर्ज की गयी है।

इस शोध दल की नेता मनीषा एस इनामदार ने कहा कि जिस चूहे पर यह प्रयोग किया गया,

उसमें वे सारे रोग विद्यमान थे, जो आम तौर पर ब्लड कैंसर से पीड़ित मनुष्य को होता है।

दरअसल यह पाया गया कि जब पी 53 अनियंत्रित हो जाता है

तो कैंसर पीड़ित ब्लड सेल भी अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगते हैं।

नये स्टेम सेल के प्रयोग से इस वृद्धि को न सिर्फ रोका जा सकता है

बल्कि उसे समाप्त कर पूर्व अवस्था में ला भी जा सकता है।

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One Comment

  1. minecraft minecraft April 21, 2019

    Hi colleagues, its great article on the topic of tutoringand entirely explained, keep it up all the time.

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